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बुंदेलखंड राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आयोजन 15 से 21 मार्च तक

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बुंदेलखंड राष्ट्रीय पुस्तक मेला और अखिल भारतीय लेखक शिविर का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में 15 – 21 मार्च को आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए हिंदी विभाग के अध्यक्ष और मेला संयोजक प्रो. मुन्ना तिवारी ने बताया कि इस वार्षिक पुस्तक मेला का इंतजार सभी को रहता है। यह साहित्य के क्षेत्र में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा आयोजन है। पुस्तक मेला में देशभर के 60 से अधिक प्रकाशक हिस्सा लेंगे। मेला में 1 लाख से अधिक पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में तीन सत्र होंगे। पहले सत्र में साहित्य से जुडे़ विभिन्न मुद्दों पर देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। दूसरे सत्र में लेखक से बातचीत कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। यहां पाठक और लेखक के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। शाम को बुंदेलखंड की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम के महत्व के बारे में बताते हुए प्रो. मुन्ना तिवारी ने कहा कि शरीर में संतुलन का अभाव चिकित्सालय की ओर, आत्मा में संतुलन का अभाव अंधभौतिकता की ओर, बुद्धि में संतुलन का अभाव विभ्रम की ओर, हृदय में संतुलन का अभाव लोभ की ओर तथा संबंधों में संतुलन का अभाव स्वार्थपरता की ओर ले जाता है। इसी प्रकार साहित्यकर्म में असंतुलन अनर्गल एकालाप की ओर ले जाता है। यह असंतुलन की ही उपज है कि साहित्य में भी अपनी डफली अपना राग चल रहा है। कवि कविता कर रहा है, आलोचक आलोचना भी कर रहा, प्रकाशक लगातार पुस्तकें छाप रहा है। लेकिन पाठक चुप है। केवल चुप। यह चुप्पी सन्नाटा नहीं है बल्कि यह संवादहीनता है। सोशल मीडिया के मछली बाजार के शोर-शराबे में किसी को दूसरों का कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है। रिश्ते ह्वाट्सएप के, सर्जनात्मकता फेसबुक के, संवाद ट्विटर के और चलचित्रपट के आगे घुटने टेकने की स्थिति में दिखाई दे रहा है। ह्वाट्सएप के छिछले चुटकुलों ने सामान्य पाठक की किताबें छीन ली है। उससे लगभग पढ़ना छूट गया है। पुस्तक संस्कृति छपास की भेंट चढ़ चुकी है। बहुत आवश्यक है इनका संतुलन। यह आयोजन इस संतुलन को बनाने की दिशा में एक प्रयास है।

यह पुस्तक मेला किताबों की दुनिया के बीच देश विदेश के कवि, कथाकार, नाटककार, निबंधकार, फिल्मकार,पत्रकार, आलोचक के साथ पाठकों से समय का साक्षात्कार स्थापित करने का माध्यम बनेगा। यहां स्थापित और नवोदित साहित्यकारों की महफिल जमेगी। नवोदित रचनाकारों के लिए यहां ओपन माइक का आयोजन भी किया जाएगा। एक मंच पर कवि, कथाकार, आलोचक, प्रकाशक के साथ सहृदय – पाठकों की बैठकी होगी। पुस्तक मेला और अखिल भारतीय लेखक शिविर का उद्घाटन 15 मार्च को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में सुबह 10 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न होगा। अतिथि के रूप में प्रसिद्ध गजलकार और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ अनूप तथा प्रसिद्ध साहित्यकार महेश कटारे मौजूद रहेंगे।

उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय परिसर स्थित हिंदी विभाग में आयोजित किया जाएगा। पुस्तक मेला का उद्घाटन झांसी – ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग शर्मा करेंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर झांसी के मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे मौजूद रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष और प्रसिद्ध गज़लकार प्रो. वशिष्ठ अनूप शामिल होंगे। प्रसिद्ध साहित्यकार महेश कटारे बीज वक्तव्य देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय करेंगे। पुस्तक मेला का उद्घाटन 12 बजे हिंदी विभाग प्रांगण में किया जायेगा। पुस्तक मेला में 60 से अधिक प्रकाशक शामिल होंगे। इसमें मुख्य तौर पर राजकमल प्रकाशन, यश पब्लिकेशन, कौशल प्रकाशन, हिंदी युग्म, नवशीला प्रकाशन, साहित्य भूमि, लिट्रेचर लैंड, नवशीला प्रकाशन, सामायिक प्रकाशन, प्रगतिशील प्रकाशन शामिल होंगे। लेखक से मिलिए कार्यक्रम में साहित्य लेखन पर महेश कटारे और कविता लेखन पर वशिष्ठ अनूप युवाओं से वार्ता करेंगे।

प्रेस वार्ता में डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ. अचला पांडेय, डॉ. बिपिन प्रसाद, डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव, डॉ. सुधा दीक्षित, डॉ. शैलेंद्र तिवारी, द्यूती मालिनी, मनीष मंडल, विशाल, आकांक्षा सिंह आदि मौजूद रहे।

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